Home ब्लॉग तुलसी कृत रामचरितमानस क्या ?

तुलसी कृत रामचरितमानस क्या ?

अजय दीक्षित
बिहार के शिक्षा मंत्री चन्द्रशेखर, हिन्दी के मूर्धन्य साहित्यकार एवं भाषा- मर्मज्ञ त्रिलोचन शास्त्री को, नहीं जानते होंगे । मंत्री जी काव्य के मर्म, शब्द- शक्तियों, अलंकार और भाषायी सौन्दर्य से भी अनभिज्ञ होंगे, यह हमारा दावा है । मंत्री जी 16वीं शताब्दी के परिवेश, कालखंड, रीति-रिवाजों, आडम्बरों और धार्मिक विरोधाभासों से भी अनजान होंगे । वह संस्कृत, अवधी भाषा और अन्य आंचलिक भाषाओं- बोलियों के आपसी द्वन्द्व से भी अपरिचित हैं, यह भी हमारा दावा है । मंत्री जी इस ऐतिहासिक तथ्य से भी वाकिफ नहीं होंगे कि तुलसीदास का जन्म पूरे 32 दांतों के साथ हुआ था, लिहाजा कई मायनों में उन्हें अद्वितीय, अलौकिक माना गया, तो उनके अपनों ने भूत-प्रेत मानकर उनसे दूरी बनाये रखी थी। बाद में उन्हें प्रायश्चित करना पड़ा । यह तो बिल्कुल नहीं जानते होंगे कि भगवान राम की कृपा और छाया तुलसीदास पर थी, जिसने उन्हें महाकवि, संत, कथावाचक बना दिया था । यह प्रभु राम की ही कृपा थी कि हनुमान जी सदैव उनके साथ रहे और मार्गदर्शक की भूमिका अदा करते रहे ।

बिहारी मंत्री का मानस अवरुद्ध है या नास्तिक है अथवा विकृत है । या वह राम-विरोधी हैं, लिहाजा वह इन तथ्यों को किंवदन्ति भी करार दे सकते हैं । हमें रामचरित मानस सरीखे महाकाव्य, पवित्र ग्रन्थ तथा पूजनीय आख्यान पर मंत्री जी का, सकारात्मक या नकारात्मक, किसी भी तरह का प्रमाण-पत्र नहीं चाहिए, क्योंकि किसी भी सूरत में सूर्य को दीपक नहीं दिखाया जा सकता । अंधकार कभी भी सूर्य को पराजित नहीं कर सकता । रामचरित मानस भारत ही नहीं, विश्व के असंख्य घरों में आस्था का प्रतीक है । उसका पाठ किया जाता है। वह प्रेम, त्याग, स्नेह, करुणा, मर्यादा, सद्भावना और मानवता का बेमिसाल ग्रंथ है। मंत्री जी ने रामचरित मानस को नफरती ग्रंथ माना है। ऐसी ही टिप्पणी उन्होंने कुरान या बाइबिल के सन्दर्भ में की होती, तो मंत्री जी का जीना हराम हो जाता ! उन्हें अज्ञातवास में जाना पड़ता या छिप कर अपनी जिंदगी बचानी पड़ती, उनका संवैधानिक पद तो छीन ही लिया जाता । लेकिन भगवान राम, उनके परम भक्त तुलसीदास और सिद्धांत रूप में हिन्दू सहिष्णु हैं, लिहाजा मनुस्मृति, रामचरित मानस, वाल्मीकि रामायण अथवा किसी अन्य धार्मिक, पवित्र ग्रन्थ को सहजता से गाली दी जा सकती है । चूंकि हम बिहारी मंत्री की साहित्यिक और भाषायी ज्ञान तथा मेधा को जानते हैं, लिहाजा सवाल कर सकते हैं कि उन्होंने रामचरित मानस के काव्यांशों की व्याख्या, भावार्थ, निहितार्थ किस आधार पर किया है ? मंत्री जी की व्याख्या है कि रामचरित मानस पिछड़ों, दलितों, महिलाओं को शिक्षा का अधिकार नहीं देता। मनुस्मृति के बाद ही मानस ने नफरत फैलाई है। मंत्री जी 16वीं सदी से एकदम 21वीं सदी में पहुंच कर कहते हैं कि नफरत की जमीन पर राम मन्दिर बनाया जा रहा है । यह सर्वोच्च अदालत की अवमानना भी है।

मंत्री ने यह बयान किसी राजनीतिक सभा में नहीं दिये हैं, बल्कि बिहार के नालंदा ओपन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर कहे हैं । यदि बिहार के अ शिक्षित मंत्री ने तुलसीदास के ढोल, सूद, पसु, नारी वाली चौपाई पर त्रिलोचन जी सरीखे मूर्धन्य भाषाविद् की व्याख्या पढ़ी होती या मंत्री जी आलंकारिक भाषा सौन्दर्य को जानते अथवा अवधी भाषा की परख होती या 16वीं सदी के कालखंड की जानकारी होती अथवा पर्यायवाची शब्दों की व्यंजना शक्ति की जानकारी होती, तो वह बयान ही न देते और लालू के राजद के प्रवक्ताओं को उनका बचाव ही न करना पड़ता । दरअसल बिहारी मंत्री रामचरित मानस के जरिए अपने दल के चुनावी वोट बैंक को संबोधित करना चाहते थे, जो सरासर गलत है। सामाजिक न्याय इसे नहीं कहते कि किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करें । संविधान ने भी ऐसा अधिकार हमें नहीं दिया है। मंत्री के ये बोल वर्ग विशेष की भावनाओं को आहत कर रहे हैं ।

RELATED ARTICLES

दवा कंपनियों से उपहार या आर्थिक लाभ लेने पर पाबंदी

डॉ ईश्वर भारत सरकार ने दवा कंपनियों द्वारा चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों या उनके परिवारों को व्यक्तिगत लाभ मुहैया कराने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने...

कुछ नेताओं के लिए यह चुनाव निर्णायक साबित हो सकता है

राज कुमार लोकसभा चुनाव में भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की ‘हैट्रिक’ का नारा दिया है।  वैसा हुआ, तो विपक्ष की भूमिका में...

खाने-पीने की चीजों में मिलावट की समस्या बहुत पुरानी  

अशोक शर्मा इस महीने के शुरू में सिंगापुर और हांगकांग में मसालों के दो मशहूर भारतीय ब्रांडों के उत्पादों पर पाबंदी लगा दी गयी।  इन...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

सपा और कांग्रेस का गठबंधन कहता है कि जीतेंगे तो लूटेंगे, हारेंगे तो टूटेंगे – मुख्यमंत्री योगी

नतीजे आने के बाद 70 से ऊपर के प्रत्येक बुजुर्ग को 5 लाख की बीमा का दिया जाएगा लाभ  - मुख्यमंत्री योगी बलिया। देश में...

चारधाम यात्रा- शासन ने दो अधिकारियों को बनाया यात्रा मजिस्ट्रेट

नैनीताल व यूएसनगर के अधिकारियों को बदरीनाथ व केदारनाथ के लिए यात्रा मजिस्ट्रेट नियुक्त किया देखें, ताजा आदेश देहरादून। चारधाम यात्रा को पटरी पर लाने की...

ट्यूशन टीचर ने पांच साल की बच्ची की आंख पर मारी कॉपी, चली गई रोशनी, केस दर्ज

हरियाणा। समालखा की गांधी कॉलोनी में एक ट्यूशन टीचर ने पांच साल की बच्ची की आंख पर कॉपी फेंककर मारी। इससे बच्ची की आंखों...

पेयजल किल्लत को लेकर बनभूलपुरा में लोगों ने जल संस्थान मुर्दाबाद के लगाए नारे 

 पिछले तीन माह से क्षेत्र में बनी हुई पेयजल की किल्लत पेयजल किल्लत के चलते लगभग 5000 की आबादी प्रभावित हल्द्वानी। पेयजल किल्लत को लेकर बनभूलपुरा...

Recent Comments

fapjunk
escort bursa escort gorukle
Antalya escort Antalya escort Belek escort
Ankara Escort
porn
Spanish to English translation is the process of converting written or spoken content from the Spanish language into the English language. With Spanish being one of the most widely spoken languages in the world, the need for accurate and efficient translation services is essential. Spanish to English translation plays a crucial role in various domains, including business, education, travel, literature, and more. Skilled translators proficient in both Spanish and English are required to ensure accurate and culturally appropriate translations. They must possess a deep understanding of both languages' grammar, syntax, idioms, and cultural nuances to convey the original meaning and intent of the source content effectively. Quality Spanish to English translation services help bridge the language barrier and facilitate effective communication between Spanish-speaking individuals and English-speaking audiences.spanishenglish.com
uluslararası zati eşya taşımacılığı türkiyeden almanyaya ev taşıma uluslararası evden eve nakliyat türkiyeden kıbrısa evden eve nakliyat türkiyeden kıbrısa ev taşıma fiyatları türkiyeden ingiltereye evden eve nakliyat yurtdışına ev taşıma zati eşya taşımacılığı